जमीन के लालच में भतीजे ने किया खून, बड़ी मां को मार डाला, फिर बाइक पर लाश लादकर जंगल में फेंका

Deepak Patel
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रायगढ़। जिले के छाल इलाके से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के ग्राम बेहरामार में जमीन के विवाद ने एक हंसते-खेलते परिवार में मातम पसार दिया। एक भतीजे ने अपनी ही सगी बड़ी मां की पीट-पीटकर हत्या कर दी और पहचान छुपाने के लिए लाश को मोटरसाइकिल पर ले जाकर जंगल की झाड़ियों में फेंक दिया। छाल पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी को महज कुछ ही घंटों में सुलझाकर आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

महुआ बीनने गई थी महिला, वहीं हुआ हमला

घटना 18 अप्रैल की है, जब 70 साल की बुजुर्ग महिला केवला बाई राठिया महुआ बीनने जंगल गई थी। इसी दौरान उसका भतीजा आशन राठिया वहां पहुंचा। जमीन की बिक्री और बंटवारे को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। गुस्से में पागल होकर भतीजे ने बुजुर्ग महिला पर लात-घूसों और मुक्कों से हमला कर दिया, जिससे बुजुर्ग महिला की मौके पर ही मौत हो गई।

सबूत मिटाने के लिए रची साजिश

हत्या के बाद आरोपी घबराया नहीं, बल्कि उसने सबूत मिटाने की कोशिश की। उसने महिला के शव को अपनी बाइक पर लादा और उसे बेहरामार-जामपाली मार्ग के पास घने जंगल की झाड़ियों में एक गड्ढे में फेंक दिया ताकि किसी को पता न चले।


ऐसे खुला राज

जब केवला बाई 4-5 दिनों तक घर नहीं लौटी, तो उनके बेटे लोकनाथ ने छाल थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। बेटे ने अपने चचेरे भाई आशन पर शक जताया था। इसी बीच पुलिस को जंगल से दुर्गंध आने की सूचना मिली, जहाँ तलाशी लेने पर केवला बाई का सड़ा-गला शव बरामद हुआ।


पुलिस की कार्रवाई और एसएसपी का संदेश

रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी नासिर खान और उनकी टीम ने संदेही आशन राठिया को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की। पहले तो वह मुकरता रहा, लेकिन पुलिस की वैज्ञानिक विवेचना के आगे वह टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस मामले पर सख्त लहजे में कहा है कि पारिवारिक या जमीन विवाद का समाधान हिंसा नहीं है। जघन्य अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और रायगढ़ पुलिस अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई जारी रखेगी।

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